डिग्री कॉलेजों को मिलेंगे प्राचार्य
आठ सालों से प्राचार्य पदों पर नहीं की जा सकी है नियुक्ति
नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया था रद
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद
नए साल का सूरज डिग्री कॉलेजों के लिए उम्मीदों का सबेरा लेकर आएगा। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में साल के पहले ही हफ्ते में जहां असिस्टेंट प्रोफेसर पद का परिणाम आना लगभग तय है, वहीं प्राचार्य पदों पर नियुक्ति का रास्ता भी साफ होगा। पिछले आठ सालों से प्राचार्य पदों पर नियुक्ति नहीं की जा सकी है। इससे पहले हुई नियुक्ति विवादों में आ गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने अंतत: उसे रद कर दिया था।
कई माह तक बिना कोरम के ही चल रहे उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में इस बीच दो सदस्य मिल जाने से नियुक्तियों का रास्ता खुला है। कोरम पूरा होने के बाद आयोग की पहली ही बैठक में प्राचार्य पदों पर नियुक्ति के बारे में विचार किया गया।
आयोग ने हालांकि इस बारे में साल भर पहले भी फैसला किया था लेकिन उसके बाद सदस्य और अध्यक्ष पदों की नियुक्तियां विवादों में फंस जाने की वजह से प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। तब आयोग में महाविद्यालयों से मात्र 80 अधियाचन ही आए थे। इस बीच अधियाचन की संख्या 164 पहुंच चुकी है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात मित्तल के अनुसार जनवरी में ही इन पदों का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। स्क्रीनिंग और साक्षात्कार आदि की तारीखों पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
गौरतलब है कि प्राचार्य पदों की नियुक्तियां पिछली बार इसीलिए विवादों का कारण बनी थीं क्योंकि तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। चयनित शिक्षकों ने प्राचार्य पद ग्रहण भी कर लिया था लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा। इसी आधार पर उच्चतर शिक्षक सेवा आयोग में दो सदस्य की नियुक्ति भी कर दी गई थी। हालांकि उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा था।

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