जासं, इलाहाबाद : मिड डे मील में गुणवत्ता के साथ ताजा भोजन की परिकल्पना अब साकार होने जा रही है। आधुनिक केंद्रीय किचन के माध्यम से एक साथ एक लाख बच्चों का भोजन तैयार होगा। इतना ही नहीं विशेष इंसुलेटेड वैन के माध्यम से गर्म खाना नगर और अंचल के क्षेत्र में निर्धारित समय पहुंचा भी दिया जाएगा। अक्षयपात्र फाउंडेशन के माध्यम इस योजना को साकार रूप दिया जाएगा। किचन की स्थापना के बाद इलाहाबाद सहित प्रदेश के 11 शहरों में यह योजना अगले वर्ष के अंत तक शुरू हो जाएंगी। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस योजना का शिलान्यास किया। मिड डे मील योजना के अंतर्गत एक लाख बच्चों का खाना मात्र चार घंटे में तैयार करने की योजना का अमली जामा पहना दिया गया है। 1प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 11 जिलों में आधुनिक किचन घर स्थापित किये जाएंगे। किचन की खास बात होगी कि इसमें तीन घंटे में एक लाख बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा सकेगा।
सबसे पहले बच्चे करेंगे स्वाद
आधुनिक तकनीक से तैयार भोजन की एक खासियत ये होगी कि स्कूलों में बच्चे ही चखेंगे। भोजन बनने की प्रक्रिया सुबह तीन बजे से शुरू हो जाएगी। सुबह नौ से साढ़े नौ बजे के मध्य स्कूलों में वैन पहंच जाएगी। हाइजेनिक भोजन का स्वाद सीधा बच्चे ही ले सकेंगे। कुक, रसोइया, बवार्ची सहित सभी बीच की कड़ी खत्म कर दी जाएगी।
स्वच्छता का प्रतीक
इलाहाबाद में मिड डे मील समन्वयक राजीव त्रिपाठी का कहना है कि यह किचन स्वच्छता का प्रतीक होगा। बच्चों को समय से गुणवत्ता परक और गर्म खाना मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों में यह किचन स्थापित होंगे।
झूंसी में लगेगा प्लांट
इलाहाबाद में इस योजना का प्लांट झूंसी में लगेगा। शुरूआत में यहां एक लाख बच्चों के लिए खाना बनेगा। वितरण 50 हजार अंचल और 50 हजार शहरी क्षेत्रों में वितरण होगा। नगर में एमडीएम के लिए पांच लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं।
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