अजहर अंसारी, इलाहाबाद
किसी भी विषय में पंजीकृत शोधार्थियों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की फेलोशिप और स्कॉलरशिप का भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। इस व्यवस्था से शिक्षण संस्थानों की मनमानी पर रोक लग सकेगी। इससे पहले आवेदन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जा चुकी है। 1यूजीसी ने देशभर के कुलपतियों को पत्र लिखकर छात्रवृत्ति व फेलोशिप की राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से देने के लिए कहा है। इस निर्णय से छात्रों व रिसर्च स्कॉलरों को काफी राहत मिलेगी। वर्तमान व्यवस्था में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की कागजी कार्रवाई में काफी समय लग जाता है। इसके कारण छात्रों को राशि मिलने में देर होती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित देशभर के विश्वविद्यालयों में हजारों की तादात में अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर से छात्रों तक राशि पहुंचने में कभी-कभी कई महीने लग जाते हैं। छात्र फाइनेंस विभाग और यूजीसी के चक्कर ही लगाते रहते हैं। पीजी, शोध, पोस्ट डाक्टोरल सहित सभी प्रकार की छात्रवृत्ति पर भी अमूमन यही स्थिति रहती है। ऐसे में यूजीसी ने छात्रवृत्ति व फेलोशिप डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटी) और पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम(पीएफएमएस) के जरिए देने के लिए कहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी एके कनौजिया का कहना है कि कैंपस में आगामी सत्र से फेलोशिप-स्कॉलरशिप का ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। गौरलतब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, मौलाना आजाद, इमेरिटस, वुमेन स्पेशल, स्वामी विवेकानंद, राजीव गांधी नेशनल फेलोशिप, विकलांग, नेशनल फेलोशिप फॉर ओबीसी और रमन फेलोशिप सरीखी दर्जनों योजनाएं हैं। इनका भुगतान अब पूर्णत:
ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन करें शिकायत :
विश्वविद्यालय-कॉलेज स्तर पर किसी भी प्रकार की ज्यादती की शिकायत ऑनलाइन की जा सकती हैं। यूजीसी ने वेबसाइट पर विशेष लिंक के माध्यम से समस्याओं को सुलझाने की पहल की है। दाखिला प्रक्रिया, आरक्षण नीति, विवरणिका का प्रकाशन, जाति, पंथ तथा वर्ग के आधार पर विद्यार्थियों से भेदभाव, परीक्षाओं का समय पर न होना, समय पर परीक्षा परिणाम प्रकाशित न होना, विद्यार्थी की सुविधाएं, छात्रवृति / फेलोशिप का भुगतान न होना तथा विद्यार्थियों को परेशान करना और यौन प्रताड़ना के मामलों में शिकायत दर्ज किए जा सकते हैं। विद्यार्थी 666.4¬ङ्घ.ंङ्घ.्रल्ल पर स्टूडेंट ग्रिवांसेज लिंक पर लॉगऑन कर सकते हैं।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से राशि सीधा अभ्यर्थी के खाते में
इविवि में आगामी सत्र से लागू हो जाएगी योजना

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