राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा 2016 की कॉपियां फिर से जांचे जाने का असर प्रारंभिक ही नहीं मुख्य परीक्षा पर भी पड़ेगा। सूत्र बताते हैं कि आयोग इन दिनों मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करा रहा था, ताकि अगले माह परिणाम जारी कर सके, लेकिन अब सारी प्रक्रिया रुक गई है। पीसीएस प्री 2016 परीक्षा कुल 633 पदों के लिए हुई थी इसमें सामान्य चयन के 630 एवं विशेष चयन के केवल तीन पद थे। इस परीक्षा से ही सीसैट को क्वालीफाइंग किया गया। परीक्षा में कुल 4 लाख 36 हजार 413 युवाओं ने आवेदन किया। 20 मार्च 2016 को प्री परीक्षा हुई और इसमें 2 लाख 50 हजार 696 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसका परिणाम 27 मई को आया और 14 हजार 615 अभ्यर्थियों को सफलता मिली थी। पीसीएस मुख्य परीक्षा पहले 24 जून से ही होनी थी, लेकिन मुख्य परीक्षा की तैयारी करने का वक्त न होने पर आयोग ने यह परीक्षा 20 सितंबर से आठ अक्टूबर के बीच करवाई। उस समय प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा ने पहले न्यायालय से गुहार लगाई कि मुख्य परीक्षा को रोका जाए, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो अवनीश पाण्डेय एवं शांतनु राय ने आयोग गेट के सामने 16 से 18 सितंबर तक आमरण अनशन किया फिर भी परीक्षा नहीं टली। परीक्षा के गलत सवालों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश में परीक्षार्थियों में खुशी तो कहीं गम का माहौल हैं।
10/12/2016
UP PCS प्रारंभिक ही नहीं मुख्य परीक्षा पर होगा असर
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा 2016 की कॉपियां फिर से जांचे जाने का असर प्रारंभिक ही नहीं मुख्य परीक्षा पर भी पड़ेगा। सूत्र बताते हैं कि आयोग इन दिनों मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करा रहा था, ताकि अगले माह परिणाम जारी कर सके, लेकिन अब सारी प्रक्रिया रुक गई है। पीसीएस प्री 2016 परीक्षा कुल 633 पदों के लिए हुई थी इसमें सामान्य चयन के 630 एवं विशेष चयन के केवल तीन पद थे। इस परीक्षा से ही सीसैट को क्वालीफाइंग किया गया। परीक्षा में कुल 4 लाख 36 हजार 413 युवाओं ने आवेदन किया। 20 मार्च 2016 को प्री परीक्षा हुई और इसमें 2 लाख 50 हजार 696 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसका परिणाम 27 मई को आया और 14 हजार 615 अभ्यर्थियों को सफलता मिली थी। पीसीएस मुख्य परीक्षा पहले 24 जून से ही होनी थी, लेकिन मुख्य परीक्षा की तैयारी करने का वक्त न होने पर आयोग ने यह परीक्षा 20 सितंबर से आठ अक्टूबर के बीच करवाई। उस समय प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा ने पहले न्यायालय से गुहार लगाई कि मुख्य परीक्षा को रोका जाए, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो अवनीश पाण्डेय एवं शांतनु राय ने आयोग गेट के सामने 16 से 18 सितंबर तक आमरण अनशन किया फिर भी परीक्षा नहीं टली। परीक्षा के गलत सवालों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश में परीक्षार्थियों में खुशी तो कहीं गम का माहौल हैं।
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