इलाहाबाद प्रमुख संवाददातालोक सेवा आयोग की न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिविजन) मुख्य परीक्षा 2016 (पीसीएस जे मेन्स) रविवार से शुरू हुई। समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2016 (आरओ-एआरओ प्री) की तरह इस परीक्षा में भी आयोग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का असर साफ देखने को मिला। प्रश्नों के चयन के लिहाज से पेपर पिछली परीक्षाओं की तुलना में काफी बेहतर बताया जा रहा है।पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों ने समसामयिक विषयों पर अपेक्षाकृत ज्यादा जोर दिया। ज्यादातर परीक्षार्थियों ने इसे ‘नोबल पेपर’ की संज्ञा दी। कई परीक्षार्थियों की यह भी राय थी कि पेपर काफी लेंदी था। इस वजह से चाहते हुए भी सभी प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके क्योंकि समय ही समाप्त हो गया। परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर को लेकर लगातार उठ रहे विवाद को देखते हुए आयोग ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों के पैनल में अहम बदलाव किए हैं। इसका असर 27 नवंबर को हुई आरओ-एआरओ प्री 2016 परीक्षा में देखने को मिला था। 98 प्रतिशत रही उपस्थिति : परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ ने बताया कि इलाहाबाद में बने दो केंद्रों पर 1065 में से 1041 और लखनऊ में बने तीन केद्रों पर 1135 में से 1107 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुल 2200 में से 2148 यानी 97.64 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
19/12/2016
UPPCS J Mains पीसीएस जे मेन्स में भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का असर
इलाहाबाद प्रमुख संवाददातालोक सेवा आयोग की न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिविजन) मुख्य परीक्षा 2016 (पीसीएस जे मेन्स) रविवार से शुरू हुई। समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2016 (आरओ-एआरओ प्री) की तरह इस परीक्षा में भी आयोग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का असर साफ देखने को मिला। प्रश्नों के चयन के लिहाज से पेपर पिछली परीक्षाओं की तुलना में काफी बेहतर बताया जा रहा है।पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों ने समसामयिक विषयों पर अपेक्षाकृत ज्यादा जोर दिया। ज्यादातर परीक्षार्थियों ने इसे ‘नोबल पेपर’ की संज्ञा दी। कई परीक्षार्थियों की यह भी राय थी कि पेपर काफी लेंदी था। इस वजह से चाहते हुए भी सभी प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके क्योंकि समय ही समाप्त हो गया। परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर को लेकर लगातार उठ रहे विवाद को देखते हुए आयोग ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों के पैनल में अहम बदलाव किए हैं। इसका असर 27 नवंबर को हुई आरओ-एआरओ प्री 2016 परीक्षा में देखने को मिला था। 98 प्रतिशत रही उपस्थिति : परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ ने बताया कि इलाहाबाद में बने दो केंद्रों पर 1065 में से 1041 और लखनऊ में बने तीन केद्रों पर 1135 में से 1107 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुल 2200 में से 2148 यानी 97.64 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
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