इलाहाबाद : रेलवे में एक बार फिर से 86 लोगों ने गलत तरीके से नौकरी पाने का प्रयास किया। जांच पड़ताल में पकड़े गए तो छांट दिए गए हैं। रेलवे भर्ती सेल की सख्ती से वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए।1रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) इलाहाबाद, दिव्यांग कोटे से भर्ती करा रहा था। साल 2016 में दिव्यांग कोटे से 370 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदन लिए गए और फिर ऑनलाइन परीक्षा हुई। पिछले दिनों इसका रिजल्ट आया तो 445 अभ्यर्थी पास कराए गए। दिसंबर में इनके प्रमाण पत्रों की जांच हुई तो 283 अभ्यर्थी आए। चूंकि दिव्यांग कोटे से भर्ती थी इसलिए कई लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर पहुंच गए। इसकी जांच हुई तो 86 लोगों के प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई। आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश ने बताया कि प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें छांट दिया गया है। कई लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने की फिराक में थे लेकिन उनकी नहीं चली।
16/01/2017
Railway फर्जी प्रमाण पत्र लगाने पर 86 अभ्यर्थी बाहर
इलाहाबाद : रेलवे में एक बार फिर से 86 लोगों ने गलत तरीके से नौकरी पाने का प्रयास किया। जांच पड़ताल में पकड़े गए तो छांट दिए गए हैं। रेलवे भर्ती सेल की सख्ती से वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए।1रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) इलाहाबाद, दिव्यांग कोटे से भर्ती करा रहा था। साल 2016 में दिव्यांग कोटे से 370 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदन लिए गए और फिर ऑनलाइन परीक्षा हुई। पिछले दिनों इसका रिजल्ट आया तो 445 अभ्यर्थी पास कराए गए। दिसंबर में इनके प्रमाण पत्रों की जांच हुई तो 283 अभ्यर्थी आए। चूंकि दिव्यांग कोटे से भर्ती थी इसलिए कई लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर पहुंच गए। इसकी जांच हुई तो 86 लोगों के प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई। आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश ने बताया कि प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें छांट दिया गया है। कई लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने की फिराक में थे लेकिन उनकी नहीं चली।
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