26/01/2017

UP BOARD Exam : अभिभावकों का यूपी बोर्ड से मोहभंग, छह साल में घट गई परीक्षार्थी संख्या

सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की मारामारी है। सिफारिशें लगती हैं, डोनेशन भी देना पड़ता है। यही हाल आइसीएसई बोर्ड के स्कूलों का भी है। इन बोर्डो से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मगर उप्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में शायद अभिभावकों का विश्वास घटता जा रहा है। 1सरकारी क्षेत्र की बजाय निजी क्षेत्र में नौकरियां दिलाने में सीबीएसई व आइसीएसई बोर्ड की शिक्षा मुफीद मानी जा रही है। ऐसे में इस माध्यम से परीक्षा देने वालों की संख्या बढ़ रही है। उधर, यूपी बोर्ड में वर्ष 2012 में
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में परीक्षार्थियों की संख्या जहां 64,24928 थी। वहीं 2017 आते आते इसमें 3,63,894 की गिरावट आ गई और इस साल केवल 60,41034 विद्यार्थियों ने ही इन परीक्षाओं के लिए पंजीकरण करवाया है। बीते साल के मुकाबले ही इस साल कुल परीक्षार्थियों की संख्या में 7,60461 परीक्षार्थियों की कमी आई है। हालांकि बीते साल के मुकाबले आई इस गिरावट के पीछे बोर्ड अफसर नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल को वजह बता रहे हैं। बहरहाल परीक्षार्थियों के घटते आंकड़े यूपी बोर्ड को चिंतन करने पर मजबूर जरूर करते हैं।1छात्रों की संख्या में भारी गिरावट 1यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या को छात्रओं ने काफी हद तक संभाल रखा है। छह सालों में जहां हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल परीक्षार्थी संख्या में 3,63,894 की कमी आई है। वहीं इसमें छात्रओं की कमी सिर्फ 62,155 है। इसके पीछे सामाजिक कारण भी जिम्मेदार माने जाते हैं। जहां लोग बेटों के मुकाबले बेटियों को यूपी बोर्ड के माध्यम से शिक्षा दिला रहे हैं।


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