03/02/2017

7 Pay Commission सातवें वेतन आयोग के तहत नहीं मिला वेतन , नवीन पेंशन योजना का भी यही हाल


सातवें वेतन आयोग के तहत नहीं मिला वेतन

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में जो तत्परता दिखाई, उस पर अफसरों ने पानी फेर दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक एवं शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को जनवरी का वेतन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप नहीं मिल सका है। बढ़े वेतन के लिए साफ्टवेयर तैयार करने में विलंब हुआ और इस समय डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। इससे शिक्षक व अन्य कर्मचारियों में नाराजगी है।

विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर प्रदेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए कमेटी गठित की और तय समय में ही रिपोर्ट तलब की। सरकार ने नए वेतन आयोग के अनुरूप भुगतान के लिए कमेटी की रिपोर्ट पर मुहर लगाते समय निर्देश दिया था कि इसका लाभ जनवरी 2017 से दिया जाएगा। सभी विभागों को इस पर अमल करने को कहा गया था। 1इसके बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों एवं शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप बढ़ा वेतन नहीं मिल सका है। इससे लाखों शिक्षकों को पुराने वेतन से ही संतोष करना पड़ा है।

यही नहीं बढ़ा वेतन मार्च माह के भुगतान में मिल सकेगा या नहीं यह भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि अभी तक साफ्टवेयर में फीडिंग का कार्य चल रहा है। उप्र दूरस्थ बीटीसी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वित्त विभाग के अफसरों के रवैये के कारण यह हुआ है। शासन ऐसे लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई करे।

नवीन पेंशन योजना का भी यही हाल

शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने नवीन पेंशन योजना तहत बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालय, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के लिए सरकारी अंशदान के तहत धनराशि का आवंटन कर दिया है। प्रदेश में जिलावार भेजी गई धनराशि तीन अरब तिरासी करोड़ से अधिक है। शासन ने अपना काम कर दिया है, लेकिन इसका भी अभी तक साफ्टवेयर तैयार नहीं है। ऐसे में तेजी न दिखाने पर बजट लैप्स हो जाने का भी खतरा है।


7 Pay Commission सातवें वेतन आयोग के तहत नहीं मिला वेतन , नवीन पेंशन योजना का भी यही हाल Rating: 4.5 Diposkan Oleh: sarkari result help

0 comments:

Post a Comment