जाब्यू, नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने स्पष्ट कर दिया है देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में अधिकतम तीन बार ही बैठ सकने का नियम पिछले वर्षो से लागू नहीं होगा। यानी किसी छात्र ने पहले कितनी भी बार परीक्षा दी हो, उसकी गिनती नियम में नहीं की जाएगी। उसके प्रयासों की गिनती इस वर्ष होने वाली परीक्षा से ही शुरू होगी। सीबीएसई सात मई को नीट की परीक्षा आयोजित करेगा। पिछले साल यह परीक्षा आयोजित हुई थी लेकिन नए नियमों को लागू करने के लिहाज से पहला प्रयास माना जाएगा। परीक्षा में 25 वर्ष तक के उम्मीदवार बैठ पाएंगे। आरक्षित वर्ग के छात्रों को आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलेगी, लेकिन उन्हें भी तीन बार से अधिक परीक्षा में बैठने की छूट नहीं होगी। पहले सीबीएसई ने नीट परीक्षा के लिए जारी किए निर्देश में कहा था कि कोई एआइपीएमटी या नीट में तीन बार बैठा होगा तो उसे इस बार बैठने का मौका नहीं मिलेगा। मंत्रलय ने नए निर्देश सीबीएसई को भेज दिए हैं।
नई दिल्ली : स्कूलों में तीन भाषा के फामरूले के तहत छात्रों को पहले से पढ़ रहे विषय को नहीं छोड़ना होगा। इस फामरूले के तहत भारतीय भाषाओं की अनिवार्यता को सातवीं कक्षा से ही लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद की कक्षा के छात्र पहले से पढ़ रहे विषयों को 10वीं तक पढ़ सकेंगे। इसी तरह संस्कृत पढ़ने की भी अनिवार्यता नहीं होगी।

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