फैसला
कुछ तथ्य
साइबर थाने में पहली एफआइआर1एसटीएफ के आधीन साइबर थाने में इस साल की पहले एफआइआर दारोगा भर्ती परीक्षा की दर्ज हुई है। दरअसल, शासन ने पिछले साल साइबर थाना तो खोल दिया मगर इसे संचालित करने के लिए स्टाफ नहीं दिया है। जिससे एसटीएफ अधिकारी भी इस थाने में एफआइआर से गुरेज करते हैं। यह एफआइआर भी डीजीपी सुलखान सिंह के निर्देशों के बाद दर्ज की गई है।1
सूबे की योगी सरकार की पहली ही भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र हैकरों ने उड़ाया
राज्य ब्यूरो, लखनऊ 1योगी सरकार की पहली भर्ती परीक्षा में ही साइबर अपराधियों ने सेंध लगा दी। उन्होंने 17 जुलाई से शुरू हुई दारोगा (उपनिरीक्षक) भर्ती परीक्षा के लिए तैयार ऑनलाइन सर्वर से प्रश्न पत्र उड़ाकर उसे वायरल कर दिया। प्रश्न पत्र लीक होने की पुष्टि होने पर सरकार ने मंगलवार को भर्ती परीक्षा रद कर दी है। इस प्रकरण में साइबर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को जांच सौंपी गई है। ऑनलाइन परीक्षा की तिथि नए सिरे से घोषित होगी। अभ्यर्थियों के पुराने आवेदन मान्य होंगे।1अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि दारोगा व उसके समकक्ष पदों की ऑनलाइन परीक्षा के कुछ प्रश्न पत्र लीक होने व प्रश्नपत्र वायरल होने की शिकायत पर शासन ने परीक्षा रद कर दी है। ऐसा लग रहा है कि भर्ती परीक्षा करा रही संस्था का ‘सर्वर हैक’ किया गया है। एफआइआर दर्ज कराई जा रही है। प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने नागरिक पुलिस के 2400 दारोगा (पुरुष) व 600 महिला दारोगा, प्लाटून कमांडर के 210 और अग्निशमन अधिकारी द्वितीय (समकक्ष दारोगा) के 97 पदों की रिक्तियां निकाली थीं मगर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। सत्ता संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन्हीं रिक्तियों को भरने के लिए 17 से 31 जुलाई तक ऑनलाइन परीक्षा का निर्णय लिया। इसके लिए टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) को नोडल एजेंसी नामित किया गया। 22 जिलों के तकरीबन 97 केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई। मगर दूसरे दिन से ही पेपर लीक होने की चर्चा शुरू हो गई। 122 जुलाई की शाम से प्रश्न पत्र व उसके उत्तर सोशल मीडिया में वायरल होना शुरू हुए। इसकी भनक लगने पर अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी को ट्वीट किया और कार्रवाई की मांग की। इसके पूर्व अभ्यर्थियों की टोली ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों को एक ज्ञापन दिया था, जिसमें पेपर लीक होने का उल्लेख था। सोमवार को भर्ती बोर्ड ने 25 व 26 जुलाई की परीक्षा (सीबीटी) अग्रेतर आदेशों तक स्थगित करने का निर्णय लिया। मंगलवार को शासन ने उच्च स्तरीय बैठक में 17 से 31 जुलाई तक की पूरी परीक्षा निरस्त करने निर्णय लिया। अपर सचिव संजय कक्कड़ के अनुसार नए सिरे से ऑनलाइन परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी। अभ्यर्थियों के पुराने आवेदन मान्य होंगे।1मगर कंपनी से क्यों कराई एफआइआर1दारोगा भर्ती परीक्षा का ऑनलाइन प्रश्न पत्र लीक होने की एफआइआर की भर्ती बोर्ड के स्थान पर निजी कंपनी के प्रबंधक से क्यों कराई गई? यह सवाल भी उठना शुरू हो गया है। यूपी सरकार ने 10 जून, 2017 को मुंबई की कंपनी एनएसईआइटी के साथ दारोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा का करार किया था। परीक्षा के दौरान 21 व 24 की परीक्षा के तीनों प्रश्न पत्र लीक होने की बात खुद कंपनी ने स्वीकार की है। अगर कंपनी का सर्वर, कम्पूटर हैक हो गया अथवा तकनीकी कारणों से प्रश्न पत्र लीक हुआ तो उसके वायरल होने से पहले एफआइआर क्यों नहीं कराई गई। सवाल यह भी कि जिस कंपनी की तकनीक अथवा सुरक्षा में खामी थी, उसके ही प्रबंधक हाकिमउद्दीन की ओर से एफआइआर क्यों लिखाई गई।’>>साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज, एसटीएफ करेगी जांच1’>>ऑनलाइन परीक्षा की नई तिथि घोषित होंगी, पुराने आवेदन मान्य रहेंगेहैकरों ने ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर रही संस्था का सर्वर हैक कर प्रश्न पत्र लीक किया। एसटीएफ जांच कर रही है जल्द दोषियों पर कार्रवाई होगी। 1आनंद कुमार, एडीजी (कानून व्यवस्था)1परीक्षा की नई तिथियों के संबंध में एसएमएस व ई-मेल के जरिये अभ्यर्थियों को जानकारी दी जाएगी। अभ्यर्थी भर्ती बोर्ड की वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। 1संजय कक्कड़, अपर सचिव पुलिस भर्ती बोर्ड’ वर्ष 2016 में भर्ती का विज्ञापन निकला।1’ नागरिक पुलिस (दारोगा) के 2400 पद। 1’ प्लाटून कमांडर पीएसी (समकक्ष दारोगा)-2101’ अग्निशमन अधिकारी द्वितीय (समकक्ष दारोगा)-971’ दारोगा नागरिक पुलिस (महिला)-6001’ पुरुष वर्ग के पदों के लिए-5,42,124 आवेदन आए1’ महिला वर्ग में 88,802 लोगों ने आवेदन किया।

0 comments:
Post a Comment