करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति के लिए कट ऑफ डेट बढ़ाई गई,
जारी किया शासनादेश
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : महाविद्यालयों के शिक्षकों के प्रमोशन में आ रही बाधा को दूर करते हुए राज्य सरकार ने करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति के लिए पिछली सेवाओं की गणना के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2010 के प्रावधानों को 28 मई, 2015 की बजाय 31 दिसंबर, 2017 से लागू करने का फैसला किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है।
महाविद्यालयों के जिन शिक्षकों की प्रोन्नति 28 मई 2015 या उसके पहले से देय है लेकिन उनके द्वारा रिफ्रेशर/ओरियंटेशन कोर्स इस तिथि के बाद लेकिन 31 दिसंबर, 2017 या उससे पहले पूरे कर लिए गए हों, उन्हें यूजीसी रेगुलेशन 2010 के तहत एकेडमिक परफार्मेंस इंडिकेटर्स (एपीआइ) से छूट देते हुए 28 मई 2015 से ही प्रोन्नति दे दी जाएगी।
विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमोशन के बारे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने वर्ष 2010 में रेगुलेशन जारी किया था। इस रेगुलेशन में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षकों के प्रमोशन के लिए एपीआइ की व्यवस्था लागू की गई थी। रेगुलेशन में शिक्षकों के प्रमोशन के लिए कट ऑफ डेट एक जुलाई 2010 रखा गया। यानी एक जुलाई 2010 से पहले शिक्षकों के प्रमोशन पुराने नियम से और इसके बाद नए नियम से होंगे।

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