इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता
शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेशभर में हो रहे प्रदर्शन पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सरकार की शिक्षामित्रों से पूरी सहानुभूति है लेकिन संविधान के दायरे में शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर सरकार उनकी मदद करेगी। कहा इस पूरे प्रकरण से वर्तमान सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका की जिस पर फैसला आया। हमारी सहानुभूति है। पिछली सरकार में अनेक अनियमियताएं हुई थी। अखिलेश यादव के बयान पर भड़के सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ‘आप लोगों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते शिक्षा मित्रों के साथ घोर अपराध किया है। आप ने जो कीचड़ फैलाया हम उसको बटोर रहे है, समाधान निकाल रहे हैं।’ अखिलेश यादव अपना चेहरा देखे आईने में तो पता चलेगा कि पांच सालों में आपने जनता के साथ कितना छल किया है। हाल में अखिलेश यादव ने बयान दिया कि शिक्षामित्रों के मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की।इसके जवाब में सिद्धार्थनाथ ने ये भी कहा कि अगर आप ने ठीक से पैरवी की थी तो हाईकोर्ट में क्यों हारे। सिद्धार्थनाथ ने यह बयान उस वक्त दिया जब शिक्षामित्र शुक्रवार को उनके राजापुर स्थित आवास का घेराव कर रहे थे।शिक्षा मित्रों को संबोधित करने के बाद सिद्धार्थनाथ ने कहा कि उन्होंने आज इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी से बात की है वो इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी सिद्धार्थनाथ ने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार समस्या का बीच का रास्ता और समाधान निकालेगी।
अपने आवास पर शुक्रवार को घेराव के दौरान शिक्षामित्रों को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह।’ हिन्दुस्तान

Kanoon ne hi to apna kaam kiya hai..SAMAYOJAN ko radd karke.
ReplyDeleteIt was illegal..
Ab Aap kis daayre me rahne ki Baat kar rahe hain....
The only solution to this problem is make them shikshamitra again...OR
ReplyDeleteABORT THEM BEFORE THEY BECAME CANKER SORES FOR LAW AND SOCIETY..