राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : पावर कारपोरेशन में सहायक अभियंता इलेक्टिकल भर्ती परीक्षा के पचास सवाल निरस्त होने के बाद जूनियर इंजीनियर भर्ती के अभ्यर्थियों ने भी लामबंद होना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि उनकी परीक्षा में भी तमाम अनियमितताएं बरती गई हैं। यहां तक कि 11 नवंबर को परीक्षा हो जाने के बाद तेरह नवंबर को बिना सूचना के ही कई जिलों में दोबारा परीक्षा कराई गई। पहली परीक्षा में कठिन सवाल पूछे गए जबकि दूसरी परीक्षा के सवाल सरल थे। इससे बाद के अभ्यर्थियों को लाभ मिला है। दोनों परीक्षा में 17 प्रश्न एक ही बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में जूनियर इंजीनियर के 533 पदों के लिए यह परीक्षा हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया था और प्रदेश के सभी मुख्य शहरों में इसके लिए केंद्र बनाए गए थे। 11 नवंबर को हुए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में कई जगह सर्वर डाउन होने से अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई केंद्रों पर परीक्षा के लिए साढ़े तीन घंटे का समय दिया गया तो कहीं ढाई घंटे में ही परीक्षा खत्म करा दी गई। परीक्षा रिस्पांस शीट एक हफ्ते बाद दी गई। हजारों अभ्यर्थियों का आंसर-शीट आज तक नहीं खुल सकी है। इससे अभ्यर्थी अपनी आपत्तियां नहीं दाखिल कर सके। खास बात यह है कि इस परीक्षा में भी इलेक्टिकल के प्रश्नपत्र पर ही अभ्यर्थियों को खास आपत्ति है। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की शिकायत पर विद्युत सेवा आयोग ने आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ी दी थी लेकिन अब तक रिस्पांस शीट न खुलने की समस्या बरकरार है। इस बीच अभ्यर्थियों का हौसला इसलिए बढ़ गया क्योंकि विद्युत सेवा आयोग ने सहायक अभियंताओं की भर्ती में इलेक्टिकल के पचास सवाल दोबारा कराने का फैसला लिया है। उनकी मांग है कि जेई परीक्षा भी निरस्त की जाए। यह अभ्यर्थी भी पूरे प्रकरण को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
04/12/2016
Junior Engineers जूनियर इंजीनियरों की भर्ती पर भी उठे सवाल
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : पावर कारपोरेशन में सहायक अभियंता इलेक्टिकल भर्ती परीक्षा के पचास सवाल निरस्त होने के बाद जूनियर इंजीनियर भर्ती के अभ्यर्थियों ने भी लामबंद होना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि उनकी परीक्षा में भी तमाम अनियमितताएं बरती गई हैं। यहां तक कि 11 नवंबर को परीक्षा हो जाने के बाद तेरह नवंबर को बिना सूचना के ही कई जिलों में दोबारा परीक्षा कराई गई। पहली परीक्षा में कठिन सवाल पूछे गए जबकि दूसरी परीक्षा के सवाल सरल थे। इससे बाद के अभ्यर्थियों को लाभ मिला है। दोनों परीक्षा में 17 प्रश्न एक ही बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में जूनियर इंजीनियर के 533 पदों के लिए यह परीक्षा हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया था और प्रदेश के सभी मुख्य शहरों में इसके लिए केंद्र बनाए गए थे। 11 नवंबर को हुए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में कई जगह सर्वर डाउन होने से अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई केंद्रों पर परीक्षा के लिए साढ़े तीन घंटे का समय दिया गया तो कहीं ढाई घंटे में ही परीक्षा खत्म करा दी गई। परीक्षा रिस्पांस शीट एक हफ्ते बाद दी गई। हजारों अभ्यर्थियों का आंसर-शीट आज तक नहीं खुल सकी है। इससे अभ्यर्थी अपनी आपत्तियां नहीं दाखिल कर सके। खास बात यह है कि इस परीक्षा में भी इलेक्टिकल के प्रश्नपत्र पर ही अभ्यर्थियों को खास आपत्ति है। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की शिकायत पर विद्युत सेवा आयोग ने आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ी दी थी लेकिन अब तक रिस्पांस शीट न खुलने की समस्या बरकरार है। इस बीच अभ्यर्थियों का हौसला इसलिए बढ़ गया क्योंकि विद्युत सेवा आयोग ने सहायक अभियंताओं की भर्ती में इलेक्टिकल के पचास सवाल दोबारा कराने का फैसला लिया है। उनकी मांग है कि जेई परीक्षा भी निरस्त की जाए। यह अभ्यर्थी भी पूरे प्रकरण को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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