जासं, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा के सहायक शिक्षा निदेशक रमेश तिवारी ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है। अफसर निरीक्षण पर नहीं निकल रहे है। शिक्षा विभाग के अफसर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। वह मंडलीय कार्यालय में गुरुवार को हुई मंडलीय बैठक में मिड डे मील समन्वयक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने पूछा है कि मिड डे मील, फल, दूध समेत कई योजनाओं के संचालन के बाद भी बच्चों की संख्या में बढोत्तरी क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने निर्देशित किया है कि शिक्षा विभाग के अफसर कार्यालय में बैठने के बजाय क्षेत्र का विजिट करें। प्रगति आख्या मंडलीय कार्यालय को उपलब्ध कराएं। एडी बेसिक ने मंडल के इलाहाबाद, फतेहपुर, कौशांबी व प्रतापगढ़ के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि वह भी स्कूलों का भ्रमण कर मिड डे मील की हकीकत की पड़ताल करें। निरीक्षण के दौरान मिड डे मील रजिस्टर, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, परिवर्तन लागत की उपलब्धता आदि बिंदुओं की जांच करें। जनपदवार प्रगति रिपोर्ट पाक्षिक उपलब्ध कराएं। इस कार्य में किसी भी स्तर से शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि मिड डे मील समन्वयक निरीक्षण आख्या समय से नहीं देते हैं तो उनका वेतन काटने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इस मौके पर मंडलीय मिड डे मील समन्वयक सुनीत पांडेय, जिला समन्वयक राजीव त्रिपाठी समेत अन्य जिले के समन्वयक मौजूद रहे।
16/12/2016
Primary Ka Master MDM एडी बेसिक ने कसे मिड डे मील समन्वयकों के पेंच
जासं, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा के सहायक शिक्षा निदेशक रमेश तिवारी ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है। अफसर निरीक्षण पर नहीं निकल रहे है। शिक्षा विभाग के अफसर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। वह मंडलीय कार्यालय में गुरुवार को हुई मंडलीय बैठक में मिड डे मील समन्वयक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने पूछा है कि मिड डे मील, फल, दूध समेत कई योजनाओं के संचालन के बाद भी बच्चों की संख्या में बढोत्तरी क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने निर्देशित किया है कि शिक्षा विभाग के अफसर कार्यालय में बैठने के बजाय क्षेत्र का विजिट करें। प्रगति आख्या मंडलीय कार्यालय को उपलब्ध कराएं। एडी बेसिक ने मंडल के इलाहाबाद, फतेहपुर, कौशांबी व प्रतापगढ़ के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि वह भी स्कूलों का भ्रमण कर मिड डे मील की हकीकत की पड़ताल करें। निरीक्षण के दौरान मिड डे मील रजिस्टर, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, परिवर्तन लागत की उपलब्धता आदि बिंदुओं की जांच करें। जनपदवार प्रगति रिपोर्ट पाक्षिक उपलब्ध कराएं। इस कार्य में किसी भी स्तर से शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि मिड डे मील समन्वयक निरीक्षण आख्या समय से नहीं देते हैं तो उनका वेतन काटने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इस मौके पर मंडलीय मिड डे मील समन्वयक सुनीत पांडेय, जिला समन्वयक राजीव त्रिपाठी समेत अन्य जिले के समन्वयक मौजूद रहे।
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