कौशांबी : खाड़ी देश में नौकरी का वीजा दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले शमीम की एक और हकीकत सामने आई है। उसने अरब के निजम्मा शहर में बंधक रहे पीड़ितों की पूर्व मध्यमा उत्तीर्ण की फर्जी मार्कशीट भी बनवाई थी। यह प्रमाणपत्र जांच के दौरान लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआइयू) टीम के हाथ लग गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर फर्जी मार्कशीट पुलिस के हाथ लगने के बाद शमीम हत्थे चढ़ा तो शिक्षा माफियाओं से भी तार जुड़े होने की बड़ी हकीकत सामने आ जाएगी। 1 खाड़ी देश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों में खेलने वाले चर्चित शमीम की हकीकत परत दर परत खुलती जा रही है। कतर शहर का फर्जी वीजा देकर टीकरडीह के आनंद के साथ तो उसने ठगी की ही थी, अब निजम्मा शहर में बंधक बने तीन पीड़ितों ने एक और चौंकाने वाली सच्चाई पुलिस अफसरों व एलआइयू टीम को बताई है। ओमप्रकाश, रमेश व गनेश ने पुलिस को बताया कि वे अंगूठा टेक हैं। उन्हें सऊदी अरब के निजम्मा शहर में नौकरी दिलाने के नाम पर शमीम ने मार्कशीट के लिए 20-20 हजार रुपये अलग से लिए थे। सप्ताह भर के भीतर सभी की पूर्व मध्यमा की मार्कशीट उसने एक संस्कृत विद्यालय से बनवाई। इसी शैक्षिक योग्यता के आधार पर उसने तीनों युवकों को वीजा भी दिलवाने की बात कही। इसीलिए उन्हें खाड़ी देश में बंधक बनाकर रखा गया। फिलहाल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कौशांबी पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
13/01/2017
Unemployed बेरोजगारों को फर्जी मार्कशीट से भेजते थे खाड़ी देश
कौशांबी : खाड़ी देश में नौकरी का वीजा दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले शमीम की एक और हकीकत सामने आई है। उसने अरब के निजम्मा शहर में बंधक रहे पीड़ितों की पूर्व मध्यमा उत्तीर्ण की फर्जी मार्कशीट भी बनवाई थी। यह प्रमाणपत्र जांच के दौरान लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआइयू) टीम के हाथ लग गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर फर्जी मार्कशीट पुलिस के हाथ लगने के बाद शमीम हत्थे चढ़ा तो शिक्षा माफियाओं से भी तार जुड़े होने की बड़ी हकीकत सामने आ जाएगी। 1 खाड़ी देश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों में खेलने वाले चर्चित शमीम की हकीकत परत दर परत खुलती जा रही है। कतर शहर का फर्जी वीजा देकर टीकरडीह के आनंद के साथ तो उसने ठगी की ही थी, अब निजम्मा शहर में बंधक बने तीन पीड़ितों ने एक और चौंकाने वाली सच्चाई पुलिस अफसरों व एलआइयू टीम को बताई है। ओमप्रकाश, रमेश व गनेश ने पुलिस को बताया कि वे अंगूठा टेक हैं। उन्हें सऊदी अरब के निजम्मा शहर में नौकरी दिलाने के नाम पर शमीम ने मार्कशीट के लिए 20-20 हजार रुपये अलग से लिए थे। सप्ताह भर के भीतर सभी की पूर्व मध्यमा की मार्कशीट उसने एक संस्कृत विद्यालय से बनवाई। इसी शैक्षिक योग्यता के आधार पर उसने तीनों युवकों को वीजा भी दिलवाने की बात कही। इसीलिए उन्हें खाड़ी देश में बंधक बनाकर रखा गया। फिलहाल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कौशांबी पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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