‘प्रति बूंद अधिक फसल’ लक्ष्य को हासिल करने के लिए नाबार्ड में 2000 करोड़ की आरंभिक निधि से सूक्ष्म सिंचाई कोष की स्थापना सूखे की मार ङोलने वाले बुंदेलखंड के सात जिलों के बाशिंदों के लिए वरदान साबित हो सकती है। दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवसंरचना निधि देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य उप्र के किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी। 1बजट में 350 पाठ्यक्रमों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के एलान ने शिक्षण संस्थानों से ड्राप आउट के लिए कुख्यात उप्र के उन युवाओं के लिए उम्मीद जगाई है जो परिवार की आजीविका चलाने की जिद्दोजहद में पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे युवाओं को रोजगार के साथ पढ़ाई का विकल्प मिलेगा। कौशल विकास पर बजट के फोकस का लाभ भी उप्र को मिलेगा। प्रदेश के 40 लाख युवा उप्र कौशल विकास मिशन के तहत पंजीकरण करा चुके हैं। प्रदेश में 30 लाख सूक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाइयां हैं जिनसे 70 लाख लोगों की रोजी चलती है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष गोयल के मुताबिक 50 करोड़ तक के वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए आयकर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने का स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि उनका यह भी कहना था कि एमएसएमई सेक्टर जो कि देश में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा सेकटर है, को बजट से और भी उम्मीदें थीं जो पूरी नहीं हुईं। आइआइए के पूर्व अध्यक्ष संजय कौल के मुताबिक पांच वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य से एमएसएमई सेक्टर को फायदा होगा।
02/02/2017
उप्र को तोहफे के आड़े आयी आचार संहिता
‘प्रति बूंद अधिक फसल’ लक्ष्य को हासिल करने के लिए नाबार्ड में 2000 करोड़ की आरंभिक निधि से सूक्ष्म सिंचाई कोष की स्थापना सूखे की मार ङोलने वाले बुंदेलखंड के सात जिलों के बाशिंदों के लिए वरदान साबित हो सकती है। दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवसंरचना निधि देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य उप्र के किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी। 1बजट में 350 पाठ्यक्रमों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के एलान ने शिक्षण संस्थानों से ड्राप आउट के लिए कुख्यात उप्र के उन युवाओं के लिए उम्मीद जगाई है जो परिवार की आजीविका चलाने की जिद्दोजहद में पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे युवाओं को रोजगार के साथ पढ़ाई का विकल्प मिलेगा। कौशल विकास पर बजट के फोकस का लाभ भी उप्र को मिलेगा। प्रदेश के 40 लाख युवा उप्र कौशल विकास मिशन के तहत पंजीकरण करा चुके हैं। प्रदेश में 30 लाख सूक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाइयां हैं जिनसे 70 लाख लोगों की रोजी चलती है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष गोयल के मुताबिक 50 करोड़ तक के वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए आयकर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने का स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि उनका यह भी कहना था कि एमएसएमई सेक्टर जो कि देश में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा सेकटर है, को बजट से और भी उम्मीदें थीं जो पूरी नहीं हुईं। आइआइए के पूर्व अध्यक्ष संजय कौल के मुताबिक पांच वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य से एमएसएमई सेक्टर को फायदा होगा।
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