वरुणा बाजार। विपरीत फैसला आ जाने से समायोजित शिक्षा मित्रों का पूरा परिवार प्रभावित हुआ है। शोक का यह आलम हैं कि उनके घरों में मंगलवार से बुधवार तक चूल्हे नहीं जले। पीड़ा बताते हुए एक समायोजित शिक्षामित्र के परिवार ने बताया कि शिक्षक का वेतन पाने से जीवन स्तर काफी बदल गया है। लगभग सभी ने अपने बच्चों का प्रवेश महंगे स्कूलों में करा दिया है। कइयों ने किश्त पर गाड़ी खरीद ली है। होम लोन लेकर मकान बनवा लिये, एलआईसी करवा ली। अब इन सबकी किस्तें वे कैसे भरेंगे। अन्य जरूरतें कैसे पूरी करेंगे। ऐसी ही तमाम समस्याएं अचानक उनके सामने आन पड़ी है। इन सबसे सभी खासा परेशान हैं।
27/07/2017
UP SHIKSHAMITRA नहीं जले शिक्षकों के परिवार में चूल्हे
वरुणा बाजार। विपरीत फैसला आ जाने से समायोजित शिक्षा मित्रों का पूरा परिवार प्रभावित हुआ है। शोक का यह आलम हैं कि उनके घरों में मंगलवार से बुधवार तक चूल्हे नहीं जले। पीड़ा बताते हुए एक समायोजित शिक्षामित्र के परिवार ने बताया कि शिक्षक का वेतन पाने से जीवन स्तर काफी बदल गया है। लगभग सभी ने अपने बच्चों का प्रवेश महंगे स्कूलों में करा दिया है। कइयों ने किश्त पर गाड़ी खरीद ली है। होम लोन लेकर मकान बनवा लिये, एलआईसी करवा ली। अब इन सबकी किस्तें वे कैसे भरेंगे। अन्य जरूरतें कैसे पूरी करेंगे। ऐसी ही तमाम समस्याएं अचानक उनके सामने आन पड़ी है। इन सबसे सभी खासा परेशान हैं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

Mujhe bina yogyta ke naukari do nahi to aatmhatya kar lunga...vah re shikshamitra unki or dekho jo tumse jyada yogya hain aur 10000 bhi nahi pa rahe kam se kam tum itna to pa rahe ho ki tumhara kharch chal jaye jab tum 3500 pate the to kya chori karte the ghar chalane ke liye jo aaj 10000 me bhi nahi chala pa rahe ho
ReplyDeleteBilkul thik bola apne bhai ye shikshamitra pagla gye h baithe baithye free me job mil gya or tet se darte h.
ReplyDeleteBilkul thik bola apne bhai ye shikshamitra pagla gye h baithe baithye free me job mil gya or tet se darte h.
ReplyDelete