27/07/2017

UP SHIKSHAMITRA त्रिपुरा मॉडल पर समायोजन की मांग





इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददातासुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गैर शैक्षणिक पद सृजित कर उन पर समायोजन की मांग उठाई है। कहा है, इन पदों पर बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थानों में कार्य अनुभव को वरीयता देते हुए समायोजित कर दिया जाए तो वर्तमान की विषम स्थिति को टाला जा सकता है।उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह का कहना है कि 1.72 लाख शिक्षामित्रों के परिवार को भुखमरी से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को आगे आना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा के 10323 अध्यापकों के समायोजन को भी हाल में निरस्त कर दिया था। जिसके बाद त्रिपुरा सरकार ने इन शिक्षकों को समायोजित करने के लिए लगभग 13000 गैर शैक्षणिक पदों का सृजन कर दिया। कैबिनेट की मंजूरी के बाद त्रिपुरा में फिलहाल सामायोजन की कार्यवाही चल रही है। त्रिपुरा में दिसंबर तक कार्य करने की अनुमति दी गई है। तब तक ये शिक्षक अपने पद पर बने रहेंगे और शिक्षक का वेतन भी मिलेगा। प्रदेश मंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश में भी जब तक समायोजन की प्रक्रिया चले तब तक समान कार्य समान वेतन के आधार पर शिक्षामित्रों की आर्थिक समस्या का समाधान किया जाए।

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1 comments:

  1. Mujhe bina yogyta ke naukari do nahi to aatmhatya kar lunga...vah re shikshamitra unki or dekho jo tumse jyada yogya hain aur 10000 bhi nahi pa rahe kam se kam tum itna to pa rahe ho ki tumhara kharch chal jaye jab tum 3500 pate the to kya chori karte the ghar chalane ke liye jo aaj 10000 me bhi nahi chala pa rahe ho

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