इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाताशिक्षामित्रों ने भविष्य बचाने की प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री को दो सूत्रीय मांगपत्र भेजा।शिक्षामित्रों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और समयोजित शिक्षकों/शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लेने की मांग की। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि 1.72 लाख शिक्षामित्रों के सामने विषम स्थिति उत्पन्न हो गई है। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के लिए जल्द कोई निर्णय ले ताकि मंगलवार से जो स्थिति पैदा हुई, उसे नियंत्रित किया जा सके। ज्ञापन देने वालों में अरुण सिंह, सुनील तिवारी, जनार्दन पांडेय, विनय सिंह आदि शामिल थे।शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का किया बहिष्कार: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दूसरे दिन बुधवार को शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। अधिकांश शिक्षामित्र घरों में रहे। बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन दिया।
27/07/2017
UPTET SHIKSHAMITRA भविष्य बचाने को सीएम से लगाई गुहार
इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाताशिक्षामित्रों ने भविष्य बचाने की प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री को दो सूत्रीय मांगपत्र भेजा।शिक्षामित्रों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और समयोजित शिक्षकों/शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लेने की मांग की। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि 1.72 लाख शिक्षामित्रों के सामने विषम स्थिति उत्पन्न हो गई है। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के लिए जल्द कोई निर्णय ले ताकि मंगलवार से जो स्थिति पैदा हुई, उसे नियंत्रित किया जा सके। ज्ञापन देने वालों में अरुण सिंह, सुनील तिवारी, जनार्दन पांडेय, विनय सिंह आदि शामिल थे।शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का किया बहिष्कार: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दूसरे दिन बुधवार को शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। अधिकांश शिक्षामित्र घरों में रहे। बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन दिया।
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Mujhe bina yogyta ke naukari do nahi to aatmhatya kar lunga...vah re shikshamitra unki or dekho jo tumse jyada yogya hain aur 10000 bhi nahi pa rahe kam se kam tum itna to pa rahe ho ki tumhara kharch chal jaye jab tum 3500 pate the to kya chori karte the ghar chalane ke liye jo aaj 10000 me bhi nahi chala pa rahe ho
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