26/07/2017

UP SI 14 लाख में हो रहा था सौदा यूआरएल,पासवर्ड लीक कर कराई नकल







14 लाख में हो रहा था सौदा
यूआरएल,पासवर्ड लीक कर कराई नकल
सीबीआई जांच हो : रालोद
बड़ा खेल
कम्पनी के कम्प्यूटर इंजीनियरों से होगी पूछताछ

एसआई की ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने के नाम पर 10 से 14 लाख रुपये तक में सौदा हुआ। अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये एडवांस और उसके मूल कागजात लिए गए। नकल के बाद उसका स्क्रीन शॉट अभ्यर्थी को दिखाया गया और मूल कागजात वापस करते हुए पूरे रुपये वसूले गए। दिल्ली के दो हैकर्स के नाम सामने आए हैं।
राज्य मुख्यालय प्रमुख संवाददाता यूपी पुलिस के 3307 पदों के लिए होने वाली आनलाइन परीक्षा पेपर लीक होने के चलते रद्द कर दी गई है। हैकर्स ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी की वेबसाइट हैक करके पेपर चुरा लिए और इसे सोशल मीडिया पर लीक कर दिया। खुलासा होने के पास अफसरों ने इस पूरी परीक्षा को ही निरस्त कर दिया। इसके अलावा परीक्षा कराने वाली एजेंसी के माध्यम से अज्ञात हैकर्स के खिलाफ मामला दर्ज कराया। एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने जांच एसटीएफ को सौंपी दी है। परीक्षा नए सिरे से कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इस संबंध ने कहा कि उप निरीक्षक (पुलिस/महिला) पदों के लिए सीधी भर्ती होनी थी। इसके लिए मुम्बई की एक एजेंसी एनएसपीआईएल को ऑनलाइन भर्ती का जिम्मा दिया गया था। प्रदेश के विभिन्न जिलों में यह परीक्षा आनलाइन तरीके से 17 से 31 जुलाई के बीच कराई जा रही थी। इस बीच इसके पेपर लीक होकर सोशल मीडिया पर आ गए। इसके बाद जांच पड़ताल कराई। पेपर लीक होने चलते इस पूरी परीक्षा को ही निरस्त करने का फैसला लिया गया। परीक्षा की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी। भर्ती के पेपर लीक होने के बाद डीजीपी सुलखान सिंह के आदेश पर पुलिस ने मामले में अज्ञात हैकरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी। अभ्यर्थियों ने ट्विट पर भेजे लीक पेपर: इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों ने लीक पेपर को सीएम योगी आदित्य नाथ को ट्विटर पर भेजा था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। 22 जिलों में हो रही थी भर्ती परीक्षा: दारोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा 22 जिलों में हो रही थी। इन पदों के लिए कुल 20 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। करीब 9 लाख आवेदकों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए आमंत्रित किया।एडीजी एलओ आनंद कुमार ने बताया कि परीक्षा कराने वाली कंपनी एफआईआर दर्ज कराएगी। एफआईआर साइबर सेल थाने में दर्ज होगी। कंपनी का सिस्टम हैक करके पेपर लीक किया गया है।
कुल पद
पद महिलाओं के लिए
पद पुरुषों के लिए
पद पीएसी के प्लाटून कमांडर के लिए
राज्य मुख्यालय। राष्ट्रीय लोकदल ने दरोगा भर्ती परीक्षा के पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग की है। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद अहमद ने पेपर लीक पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि काफी प्रतीक्षा के बाद परीक्षा आयोजित की जा रही थी जिसमें लाखों बेरोजगारों को नौकरी पाने की आशा की किरण दिखाई पड़ी थी। परन्तु राज्य सरकार की तरफ से परीक्षा की गोपनीयता सुरक्षित नहीं रखी जा सकी और लाखों युवाओं की आशाओं पर पानी फिर गया।
मेरठ ’ सचिन गुप्ताधांधली के आरोप में रद हुई यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में मेरठ में भी बड़ा खेल उजागर हुआ है। यहां कई केंद्रों पर प्रति सीट के हिसाब से ठेका दिया गया। पेपर सॉल्व करने वाले दिल्ली, देहरादून, नोएडा समेत अन्य शहरों में बैठे थे और परीक्षार्थी अपनी सीट पर। छात्र के यूजर नेम, पासवर्ड और ऑनलाइन लिंक को लीक कर यह नकल की गई। इसका भंडाफोड़ तब हुआ, जब एसटीएफ अधिकारियों के व्हाट्स एप पर ऑनलाइन परीक्षा सॉल्व होते हुए फोटो और वीडियो पहुंच गई। इस भर्ती परीक्षा में मेरठ के छह केंद्र एसटीएफ के रडार पर हैं। इनमें एक केंद्र पर नकल होने की पुष्टि हुई है। ऑनलाइन नकल के खेल में कॉलेजों की मिलीभगत पूरी तरह उजागर हुई है। परीक्षा केंद्रों पर सिर्फ कॉलेजों को ही कम्प्यूटरों का आईपी एड्रेस पता था। परीक्षा वाले दिन हर अभ्यर्थी ने अपने कम्प्यूटर पर यूजर नेम और पासवर्ड से परीक्षा का लिंक ओपन किया। परीक्षा लिंक खुलने के बाद जो यूआरएल बना, उसको दूसरे शहरों में हैकर्स को भेज दिया गया। यूआरएल और यूजरनेम-पासवर्ड भेजने के लिए परीक्षार्थियों ने व्हाट्स एप व ई-मेल का प्रयोग किया।
लखनऊ। दरोगा भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक कराने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही एसटीएफ ने पड़ताल तेजी से शुरू कर दी है। इसी कड़ी में एसटीएफ के अफसरों ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी के संचालक हकीमुद्दीन अंसारी से पूरा ब्योरा देने को कहा है। एसटीएफ ने कम्पनी से कहा कि वह अपनी टेक्निकल सपोर्ट टीम के सभी सदस्यों को बुधवार को एसटीएफ मुख्यालय भेजे। आईटी एक्ट भी लगा: एसटीएफ के एएसपी ने बताया कि इस मामले में मुख्यालय पर बने साइबर थाने में 2/5 परीक्षा अधिनियम और 66 आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों से भी मदद लेगी: शासन के एक अधिकारी ने एसटीएफ अफसर से कहा कि इस तरह के मामलों का खुलासा करने में हैदराबाद में आईटी विशेषज्ञ काफी मददगार साबित होते हैं।

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