आसार
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र लोकसेवा आयोग के अभ्यर्थियों की एक के बाद एक तीन मुरादें प्रदेश सरकार पूरा कर चुकी है। अब आयोग भी परीक्षार्थियों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा सकता है। पीसीएस 2017 की प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षार्थियों को सुदूर जिलों में भेजने के बजाय उन्हें नजदीकी जिलों में इम्तिहान देने का मौका मुहैया कराने के हैं। हालांकि आयोग ने ऑनलाइन आवेदन में अभ्यर्थियों से इस संबंध में परीक्षा देने के लिए जिले का विकल्प नहीं मांगा है, लेकिन आयोग इस दिशा में तैयारी जरूर कर रहा है।
प्रदेश की भाजपा सरकार ने आयोग के अभ्यर्थियों की मंशा के अनुसार तीन बड़े फैसले लिये हैं। इनमें आयोग के इंटरव्यू व परीक्षा परिणाम पर पहले रोक लगाई गई, सीसैट प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त मौके दिए गए और बहुप्रतीक्षित मांग सीबीआइ जांच का एलान भी कर दिया गया है। इसी बीच आयोग ने भी सरकार का रुख भांपकर पहले परीक्षाओं में सुधार करने के संबंध में तमाम निर्णय लिए हैं, उन्हें आकार तभी मिलेगा, जब शासन से पर्याप्त बजट मुहैया होगा। आयोग पीसीएस 2017 की प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर को कराने का एलान कर चुका है और उसकी तैयारियां की जा रही है, हालांकि सीबीआइ जांच की घोषणा के बाद तैयारियों की गति कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन परीक्षा टालने का निर्णय नहीं हुआ है। प्रतियोगी कई वर्ष से यह मांग कर रहे हैं कि परीक्षा केंद्रों के विकल्प मांगने की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। ज्ञात हो कि आयोग ने कुछ वर्ष पहले नकल रोकने के नाम पर परीक्षार्थियों को दूर के जिलों में परीक्षा के लिए भेजना शुरू किया है। इससे छोटे जिलों में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी परेशान होते रहे हैं। आयोग ने पीसीएस परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में इसका विकल्प तो नहीं मांगा है, लेकिन यह तैयारी है कि परीक्षार्थियों को नजदीकी जिले में इम्तिहान देने का मौका दिया जाए। आयोग अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव का कहना है कि वह हर संभव मदद करने को तैयार हैं।
’>>2017 की प्री परीक्षा में परीक्षार्थियों को मिल सकता है नजदीकी केंद्र
>>प्रतियोगी लंबे समय से दूर न भेजे जाने की कर रहे हैं मांग
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र लोकसेवा आयोग के अभ्यर्थियों की एक के बाद एक तीन मुरादें प्रदेश सरकार पूरा कर चुकी है। अब आयोग भी परीक्षार्थियों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा सकता है। पीसीएस 2017 की प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षार्थियों को सुदूर जिलों में भेजने के बजाय उन्हें नजदीकी जिलों में इम्तिहान देने का मौका मुहैया कराने के हैं। हालांकि आयोग ने ऑनलाइन आवेदन में अभ्यर्थियों से इस संबंध में परीक्षा देने के लिए जिले का विकल्प नहीं मांगा है, लेकिन आयोग इस दिशा में तैयारी जरूर कर रहा है।
प्रदेश की भाजपा सरकार ने आयोग के अभ्यर्थियों की मंशा के अनुसार तीन बड़े फैसले लिये हैं। इनमें आयोग के इंटरव्यू व परीक्षा परिणाम पर पहले रोक लगाई गई, सीसैट प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त मौके दिए गए और बहुप्रतीक्षित मांग सीबीआइ जांच का एलान भी कर दिया गया है। इसी बीच आयोग ने भी सरकार का रुख भांपकर पहले परीक्षाओं में सुधार करने के संबंध में तमाम निर्णय लिए हैं, उन्हें आकार तभी मिलेगा, जब शासन से पर्याप्त बजट मुहैया होगा। आयोग पीसीएस 2017 की प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर को कराने का एलान कर चुका है और उसकी तैयारियां की जा रही है, हालांकि सीबीआइ जांच की घोषणा के बाद तैयारियों की गति कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन परीक्षा टालने का निर्णय नहीं हुआ है। प्रतियोगी कई वर्ष से यह मांग कर रहे हैं कि परीक्षा केंद्रों के विकल्प मांगने की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। ज्ञात हो कि आयोग ने कुछ वर्ष पहले नकल रोकने के नाम पर परीक्षार्थियों को दूर के जिलों में परीक्षा के लिए भेजना शुरू किया है। इससे छोटे जिलों में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी परेशान होते रहे हैं। आयोग ने पीसीएस परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में इसका विकल्प तो नहीं मांगा है, लेकिन यह तैयारी है कि परीक्षार्थियों को नजदीकी जिले में इम्तिहान देने का मौका दिया जाए। आयोग अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव का कहना है कि वह हर संभव मदद करने को तैयार हैं।
’>>2017 की प्री परीक्षा में परीक्षार्थियों को मिल सकता है नजदीकी केंद्र
>>प्रतियोगी लंबे समय से दूर न भेजे जाने की कर रहे हैं मांग

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