27/07/2017

UPTET SOORAJ SHUKLA FACEBOOK POST


इस समय नए विज्ञापन की बहाली के लिए तीन प्रयास सुझाये जा रहे हैं और मुझे लगता है तीनों ही प्रयास होने चाहिए। 
1. सरकार पर दबाव बनाना की सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नया विज्ञापन सही है तो इस विज्ञापन के अनुसार पूरे 72825 पद भरे जाएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 66655 चयनित की नियुक्ति को बरकार रखते हुए सही नए विज्ञापन के पूरे 72825 पद नए विज्ञापन के नियमानुसार किस प्रकार भरे जाएं और इसमें यदि कोई बाधा हो तो उसे किस प्रकार दूर किया जाय यह सरकार को सोचना है। इसके लिये प्रदेश भर से इस तरह की मांग के हजारों पत्र रोज मुख्यमंत्री जी और अमित शाह जी को भेजे जाएं। फिर भाजपा नेताओं से मुलाकात और कुछ दिनों बाद लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना और मीडिया की मदद से इस बात के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाय।
2. सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू दाखिल कर नया विज्ञापन सही सुप्रीम कोर्ट द्वारा सही प्रमाणित होने के आधार पर पूरे 72825 पद नए विज्ञापन से भरे जाने की मांग। 66655 को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने के कारण यदि कोर्ट हटाना नहीं चाहती तो उन्हें 72825 के अतिरिक्त पद पर नियुक्त माना जाय क्योंकि शिक्षामित्र समायोजन निरस्त होने के कारण सीटें पर्याप्त हैं और आगामी 2 सालों में यदि सभीं शिक्षामित्र टेट पास कर लें तो भी आगामी रिटायरमेंट के कारण सीटों की कमी नहीं होगी। 
3. सुप्रीम कोर्ट से नया विज्ञापन सही प्रमाणित हो जाने के आधार पर हाई कोर्ट में नए विज्ञापन के लिए याचिका डाली जाए। लेकिन इसमें वक्त लगेगा और निर्णय आते आते रिव्यू डालने का वक्त भी समाप्त हो जाएगा। अब पुनर्विचार याचिका के लिए केवल 28 दिन शेष बचे हैं। 
अचयनितो के पास योग्य नेतृत्व की बहुत कमी है। फेसबुक समर्थको और अच्छी अच्छी लुभावनी पोस्टों से कुछ भी हासिल नहीं होगा। यदि कुछ करना है तो सभीं अचयनित जो 72825 पद नए विज्ञापन की बहाली में अपना हित समझते हैं सबसे पहले एक साथ एक मंच पर मिलकर काम करने को तैयार हों। पुराने आपसी संघर्ष विरोध आरोप प्रत्यारोप को समाप्त कर केवल आगे की तरफ एक साथ मिलकर काम करें तो ही कुछ हो सकता है। यदि एक साथ मिलकर काम ना कर सकें तो इस नौकरी को अब भूल जाएं और कुछ और काम धंधा देखें या किसी और नौकरी की तैयारी करें। 
सबसे पहले एकजुट हों, टीम बनाएं। और फिर टीम के काम को दो भागों में बांट दें, टीम की एक यूनिट के लोग सरकार पर दबाव बनाने धरना मीडिया का काम देखें और टीम की दूसरी यूनिट के लोग सुप्रीम कोर्ट से सीनियर अधिवक्तताओं से परार्मश लेकर उनके निर्देशानुसार आगे का कार्य करें। लेकिन टीम एक और एकमत हो। 
धन्यवाद।

UPTET SOORAJ SHUKLA FACEBOOK POST Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Sarkari Result

16 comments:

  1. चंदाखोरी के चक्कर मे अचयनित लोगो का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अभी भी वक़्त है ,सभी अचयनित मिलकर whatsapp और facebook से बाहर आकर संघर्ष करे तो कुछ भला हो सकता है।मैं हर प्रकार से संघर्ष के लिए तैयार हूं।
    मेरे साथ जो आना चाहे उसका स्वागत है ।
    Piyush pathak
    Aligarh
    8532813885 पर सम्पर्क कर सकते हैं ।

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  2. आज समाज मे बुराइया दिन पे दिन बढती जा रही हैं और इसका कोई जिम्मेदारी हैं तो वह हैं पढे लिखे लोग जो डिग्री तो ले लिए पर आपस मे ही एक दूसरे के सामने चालाकी दिखाने मे लगे रहते हम कितने को बैकुफ बना पाये जिससे आपस का विस्वास ,त्याग, भाईचारे तथा समाज के लिए आदर्श स्थापित नही बन पाते हैं।दूसरी जगह शिक्षामित्रों जैसे शिक्षा औऱ समाज मे अपना स्थान बनाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रह्ते हैं

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  3. Most of them also selected in Tet merit, very few left, 72000 ma Abhi bhi 6000 vacancy bchi hai

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  4. Mujhe bina yogyta ke naukari do nahi to aatmhatya kar lunga...vah re shikshamitra unki or dekho jo tumse jyada yogya hain aur 10000 bhi nahi pa rahe kam se kam tum itna to pa rahe ho ki tumhara kharch chal jaye jab tum 3500 pate the to kya chori karte the ghar chalane ke liye jo aaj 10000 me bhi nahi chala pa rahe ho..

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  5. एक दूसरे को कहने में लगे रहते हो इसलिए ही तो अंग्रेज ने शासन किया है हमारे देश मे कोन कहता है ये अयोग्य है जब 3500 रुपये ले रहे थे तब योग्य थे अब 30000 ले रहे है तो अयोग्य हो गए में कुछ बताता हूं तुम्हे ओर न ही में शिक्षामित्र हु पर मुझे inse sympathy hai kyokI enhone 17 years gujar diye apne life ke

    लगातार कई काबिल लोगों की शिक्षामित्रों के बारे में, उनका समर्थन करने के बजाय नकारात्मक बातें की जा रही हैं...। मैं उनको उनकी काबिलियत पर शक न करते हुए वास्तविकता के धरातल पर ले जाना चाहता हूं......
    1. सन 2000 से पहले शिक्षक बनने हेतु qualification intermediate ही थी, उसी आधार पर इनको शिक्षा विभाग में लेकर, ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत पर सबसे योग्य अभ्यर्थी को मेरिट द्वारा चयनित करके शिक्षा विभाग को संजीवनी देने का काम इन शिक्षामित्रों द्वारा किया गया।
    2. उस समय के हिसाब से ये योग्य थे, मानदेय केवल 2250 रुपये।
    3. 1998 से पहले जो शिक्षक नियुक्त हुये थे वो highschool पास ही थे।
    4. आज जिस B. Ed. की डिग्री का राग अलाप कर शिक्षामित्रों को अयोग्य बताया जा रहा है, वह हायर एजुकेशन के लिए एवं TGT की परीक्षा में शामिल होने के लिए थी।
    5. शिक्षामित्रों को लगाने के बाद भी जब शिक्षकों की भारी कमी से विभाग जूझा तो B. Ed. योग्यताधारी अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा विभाग में समायोजित किया गया।
    5. यदि शिक्षामित्र गलत तो बेसिक में B.Ed. भी गलत।
    6. आज शिक्षामित्र यदि समायोजित किये गए तो उनको RTE के तहत ज़रूरी BTC प्रशिक्षण ग्रेजुएशन कराने के बाद ही ऐसा किया गया।
    7. यदि इनको TET ज़रूरी है तो इस पर तत्कालीन सरकारी मशीनरी को ठोस नियमावली बनानी चाहिए थी।
    8. तय करिये दोष सरकार का है या शिक्षामित्रों का।
    9. यदि इनकी नियुक्ति की तिथि को आधार नही बनाया गया है तो, TET को 2013 से लागू न करके सन 2000 के बाद जो भी शिक्षा विभाग की नियुक्तियां हैं...सब पर लागू किया जाना चाहिए....सबकी काबिलियत का अंदाज़ा लग जायेगा।
    10. इनकी नियुक्तियों से पहले highschool एवं intermediate का रिजल्ट 20% रहता था....जबकि आज 100%.....ऐसे में उस समय अपने गांव या न्याय पंचायत के सबसे काबिल अभ्यर्थी की योग्यता पर शक करना गलत है।
    11. शिक्षामित्रों ने कभी ये नहीं कहा कि B. Ed. को विभाग में मत लो, जबकि ये डिग्री higher education के लिए है....लेकिन बी.एड. वाले शिक्षामित्रों को अपना शत्रु मानते हैं।
    12. आपके हिसाब से तो केवल बी.एड. ही बेसिक में लगने चाहिए तो डी.एल.एड. और बी.एल.एड. के courses का भी विरोध दर्ज कराइये।
    13. 2011 TET की मार्कशीट एक एक लाख रुपये में बिकी, सफेदा गैंग का पर्दाफाश हुआ, TET conduct कराने वाला जेल में.....बात करते हो काबिलियत की।
    14. विगत TET का रिजल्ट 20% तक पहुंचना मुश्किल हो गया.....काबिलियत कहाँ घुस गई....।
    15. अपने जीवन के कीमती 17 साल इस प्रतिबंध के साथ विभाग को दिए कि इस दौरान कोई और काम या कहीं और नौकरी नहीं करेंगे।
    16. 2009 के बाद शिक्षामित्रों की कोई नई नियुक्ति नहीं की गई...आज एकदम से इनको हटाना कहाँ उचित है।
    17. बी.एड. योग्यताधारी इतने योग्य हैं तो TGT क्यों नहीं निकाल पाते, शिक्षामित्रों का TET निकालने का प्रतिशत TGT निकालने के प्रतिशत से ज्यादा है।
    18. 3500 में योग्य थे 30000 में अयोग्य हो गए।
    19. यदि शिक्षामित्रों को न लगाया जाता तो बेसिक शिक्षा का निजीकरण हो गया होता और आज आप बोलने लायक नहीं होते.........।
    उपरोक्त बातें कहने का मतलब केवल इतना है कि परस्पर वैमनस्य पैदा न करके....इस विपरीत परिस्थिति में इनका सहयोग करिये।

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    1. Ye 3500 rs ke hi layak the..teachers ko pani pilana chalk duster rakhna aur kabhi techer na ho to baccho ko danda lekar hankna..yahi aata tha/hai inhe..MERE BHAI YE ISI KAM KE LIYE YOGYA THE TABHI INKO 3500 ME YOGYA KAHA GAYA THA..AAJ 30000 ME YE IS LIYE AYOGYA HO GAYE KI 30000 KE SAAPEKSH INKI QUALITY NAHI HAI SAMJHE???

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    2. Aur han agar quality hai to aao.talent ke baajar me muqabla karo...

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    3. Shivansh iska matlab aap bhe samajh nhi paye inse bekar to tum ho bhai jo mene pure post de hai thek se pdhe nhi tumne pehle teacher aise he the inke isme koi galte nhi inki jagah apne aap ko soch kr dekho tum hote shikshamitra to tumhare sath aisa hota to kaisa lagta tumhe jo maine post de hai use thek se padho samjhe isme inki koi galte nhi hai politics ke maree hua hai ye

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    4. BHAI MERA KISI KO THES PAHUCHANE KA IRADA NAHI THA BAS ITNA KAHNA CHAHTA HU KI AYOGYA HOTE HUYE BHI INHONE SAMAYOJAN KE LIYE PRADARSHAN KIYA (YE JANTE HUYE BHI KI YE SAMBIDA KARMI HAIN INHONE JIS PATRA PAR SIGN KIYA THA VO YAHI THA KI NIYMIT HONE KI MAANG NAHI KARENGE AUR NA HI HATAYE JANE KA VIRODH) dusre BADI SANKHYA HONE KE KARAN SARKAAR SE APNI BAAT MANVA BHI LI YE JAANTE HUYE KI YE NIYUKTI ASAMVAIDHANIK HAI..SOCHE CHALO BAAD ME SARKAAR KI SYMPATHY LE LENGE AUR YAHI SYMPATHY AAJ YE MAANG RAHE HAI IN CHAND TEACHRO KE LIYE KYO BHAAVI PEEDHI KE JEEVAN KO BARBAAD KIYA JAAY...AAP JAANTE THE KI sab kuch GALAT HAI PHIR BHI AAPNE NIYMIT HONE KI MAANG KYO KI????AUR DOSH RAJNEETI PAR MADH RAHE HO...VAH RE SHIKSHAMITRA. .......

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  6. Or ha aap inko keh rhe ho ki muqabala kro sayad aap bhul rhe hai inme tet pass bhe hai ok kise ko chalenge krne se pehle apni aap me dekho ke tum kitne pani me ho samjhe mr or ha sayad aap bhul rhe hai ke jab naukri left hote hai to kaisa lagta hai

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  7. Are bhai sapne bhe to government ne he dikhye the ke jitne log graduate hai unko btc kra denge tab isme inki koi galte to nhi the or hai primary school ke liye btc he hote hai or btc krne ke bad to ye log yogya ho gye

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  8. Or hai jab log yogya ho gye to usme to log dharna bhe krenge kyoki btc krne ke bad to teacher ka darja ho jata hai rhe bat ek dusro ko bolne se kuch nhi hota mere bhai naukri unhe bhe milege or aap ko bhe so ab aap log unhe dekho jinki roji roti cheen le jaye to kaise hota hai

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  9. Mujhe inse koi hamdarde nhi mujhe hai log berojgar ho jayenge abhi aap job kr rhe honge to bhut accha hai aap soch kr dekho jab aapki job left ho jayege to aapko kaisa lagega sare sapne tut jate hai samjhe bro agar in logo ko support nhi kr sakte ho to in logo ke bare me bhe kuch galat mat bolo

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    1. Sapne dekhne ka hk sirf SM ko h Kya. BTC B.ed walo ki family nahi h kya. Jisne apni adhi Umar qualification lene me bita di.uska Kya? Uske bache bhed Bakri h kya? Wo achhe school me padna nahi jante kya? Hamdrdi thik h but ektarfa mt kro.Nyay sabko milna chahiye.

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    2. Berojgar kaha h shikshamita to h hi. Sarkar mandey b nishchit kr degi. Jb b.ed BTC 5000 me Gujara kr Sakta h to Kya ye 10-15 me n kr sakte. Manta hu Majbori to h Lekin inka lalach inhe sadak pr le Aya h..

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  10. Sane dekhne ka hk sirf SM ko h Kya. BTC B.ed walo ki family nahi h kya. Jisne apni adhi Umar qualification lene me bita di.u ska Kya? Uske bache bhed Bakri h kya? Wo achhe school me padna nahi jante kya? Hamdrdi thik h but ektarfa mt kro.

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