जासं, इलाहाबाद : सफाईकर्मी के लिए आवेदन करने वालों की व्यवहारिक परीक्षा में जिस तरह से अमानवीयता बरती जा रही थी उसके खिलाफ जब दैनिक जागरण ने मुहिम छेड़ी तो प्रशासन और नगर निगम के अफसर सचेत हुए। तय किया गया कि अब इन आवेदकों को नाले में ढाई घंटे की बजाय महज आधे घंटे परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा उन्हें कमर से गहरे नाले में नहीं उतारा जाएगा।1नगर निगम में सफाईकर्मी के लिए आवेदन करने वाले एक लाख सात हजार अभ्यर्थियों की व्यवहारिक परीक्षा कराई जा रही है। इस परीक्षा में युवाओं को नाला सफाई के लिए उतारा जाता है, जिसमें यह देखा जा सके कि ये युवा गंदगी से हिचकिचाते तो नहीं। मगर नगर निगम के अधिकारी इसी बहाने इनसे पूरा नाला साफ कराने पर आमादा हो गए थे। इन युवाओं से लगातार ढाई से तीन घंटे तक काम कराया जाता था। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के इन युवकों को सीने तक गहरे नाले में उतारा जा रहा था। ऐसे में ठंड और अन्य कारणों से हादसा होने की आशंका भी थी। दैनिक जागरण ने जब इस मुद्दे को उठाया तो जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया और निगम अफसरों से व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।1गुरुवार को अपर नगर आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि अब ढाई घंटे की बजाय इन अभ्यर्थियों से महज आधे घंटे ही सफाई करवाई जाएगी। ठंड में किसी तरह का हादसा न हो इसलिए अब इन्हें अधिकतम कमर भर गहरे पानी में ही उतारा जाएगा। जिलाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा तो आवश्यक है, लेकिन उसके मानवीय पहलू पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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Cleaner Bharti आधे घंटे ही होगी सफाईकर्मी की व्यवहारिक परीक्षा : पहले ढाई घंटे ली जा रही थी युवाओं की परीक्षा
09/12/2016
Cleaner Bharti आधे घंटे ही होगी सफाईकर्मी की व्यवहारिक परीक्षा : पहले ढाई घंटे ली जा रही थी युवाओं की परीक्षा
जासं, इलाहाबाद : सफाईकर्मी के लिए आवेदन करने वालों की व्यवहारिक परीक्षा में जिस तरह से अमानवीयता बरती जा रही थी उसके खिलाफ जब दैनिक जागरण ने मुहिम छेड़ी तो प्रशासन और नगर निगम के अफसर सचेत हुए। तय किया गया कि अब इन आवेदकों को नाले में ढाई घंटे की बजाय महज आधे घंटे परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा उन्हें कमर से गहरे नाले में नहीं उतारा जाएगा।1नगर निगम में सफाईकर्मी के लिए आवेदन करने वाले एक लाख सात हजार अभ्यर्थियों की व्यवहारिक परीक्षा कराई जा रही है। इस परीक्षा में युवाओं को नाला सफाई के लिए उतारा जाता है, जिसमें यह देखा जा सके कि ये युवा गंदगी से हिचकिचाते तो नहीं। मगर नगर निगम के अधिकारी इसी बहाने इनसे पूरा नाला साफ कराने पर आमादा हो गए थे। इन युवाओं से लगातार ढाई से तीन घंटे तक काम कराया जाता था। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के इन युवकों को सीने तक गहरे नाले में उतारा जा रहा था। ऐसे में ठंड और अन्य कारणों से हादसा होने की आशंका भी थी। दैनिक जागरण ने जब इस मुद्दे को उठाया तो जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया और निगम अफसरों से व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।1गुरुवार को अपर नगर आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि अब ढाई घंटे की बजाय इन अभ्यर्थियों से महज आधे घंटे ही सफाई करवाई जाएगी। ठंड में किसी तरह का हादसा न हो इसलिए अब इन्हें अधिकतम कमर भर गहरे पानी में ही उतारा जाएगा। जिलाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा तो आवश्यक है, लेकिन उसके मानवीय पहलू पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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